बयाना Bayana

बयाना टोकन राशि है, जिसे अग्रिम राशि भी कहते हैं, जो मुख्य करार होने तक प्रॉपर्टी रोकने के लिए पहले दी जाती है। यह अक्सर कुछ भी लिखे जाने से पहले दे दी जाती है, इसलिए इसे बयाना रसीद, यानी टोकन रसीद, में दर्ज करवा लेना बेहतर है।

इन नामों से भी लिखा जाता है

    • Baina
    • Byana
    • Bayana Rasid
    • Token money
    • Earnest money
    • बयाना
    • बयाना रसीद
    • टोकन राशि
    • अग्रिम राशि
    • ਬਿਆਨਾ
    • ਬਿਆਨਾ ਰਸੀਦ
    • ਟੋਕਨ ਰਕਮ
    • ਪੇਸ਼ਗੀ ਰਕਮ

यह किस काम आता है

  • प्रॉपर्टी खरीदने या किराये पर लेने के लिए उसे रोके रखना, जब तक मुख्य करार पर हस्ताक्षर न हो जाएँ।
  • रसीद में लिखा होना चाहिए कि पैसा किसलिए था, मुख्य करार किस तारीख़ तक होना है, और कोई पक्ष पीछे हटे तो पैसा किसके पास रहेगा।
  • जितना पैसा सच में दिया गया, उतना ही लिखें और बैंक का सबूत कागज़ के साथ रखें। चंडीगढ़ में, बाद में होने वाले बिक्री के करार पर स्टाम्प ड्यूटी बिक्री की कीमत पर नहीं, बल्कि टोकन राशि पर लगती है।
  • अगर आप किसी बिल्डर या प्रमोटर को नई या निर्माणाधीन यूनिट के लिए पैसा दे रहे हैं, तो बयाना रसीद सही कागज़ नहीं है। उसकी जगह आवंटन पत्र और रजिस्ट्री वाला बिक्री का करार माँगें।

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बयाना के बारे में सवाल

क्या बयाना और अग्रिम राशि एक ही हैं?

हाँ। बयाना प्रॉपर्टी रोकने के लिए दी जाने वाली टोकन या अग्रिम राशि का आम नाम है। लाइब्रेरी में इसकी रसीद "टोकन अग्रिम रसीद (बयाना रसीद)" के नाम से है।

बयाना देते समय रसीद लेनी चाहिए?

हाँ। बयाने का झगड़ा लगभग हमेशा एक की बात बनाम दूसरे की बात होता है। हस्ताक्षर वाली रसीद, जिस पर गवाह हो और जिसके साथ बैंक का सबूत रखा हो, आपका सबूत है। पैसा देने वाले को रसीद माँगने का हक़ है।

सौदा टूट जाए तो बयाना किसके पास रहता है?

यह इस पर निर्भर है कि दोनों पक्षों ने क्या लिखा है। टोकन रसीद और बिक्री का करार, दोनों में दर्ज होता है कि कोई पक्ष पीछे हटे तो पैसा किसके पास रहेगा, इसलिए इसे शुरू में ही लिखवा लेना ठीक रहता है।

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यह पन्ना पंजाब और चंडीगढ़ के लिए इस शब्द को आसान भाषा में समझाता है। यह कानूनी सलाह नहीं है। फ़ीस, दफ़्तर और समय-सीमाएँ बदल सकती हैं, इसलिए कुछ करने से पहले दफ़्तर या किसी वकील से पूछ लें।