किरायानामा Kiraya Nama

किरायानामा प्रॉपर्टी के मालिक और उसे किराये पर लेने वाले के बीच लिखित किराया करार है। इसमें किराया, सिक्योरिटी डिपॉज़िट, मरम्मत किसकी, नोटिस की अवधि, लॉक-इन और किरायेदारी कैसे ख़त्म होगी, यह लिखा जाता है।

इन नामों से भी लिखा जाता है

    • Kirayanama
    • Kirayenama
    • Rent Agreement
    • Rental Agreement
    • Tenancy Agreement
    • Rent Deed
    • किरायानामा
    • किराया करार
    • ਕਿਰਾਇਆਨਾਮਾ
    • ਕਿਰਾਇਆ ਕਰਾਰ

यह किस काम आता है

  • यह चाबी सौंपने से पहले हस्ताक्षर करके तय किया जाता है, ताकि बाद में झगड़े की बातें पहले से तय रहें: टूटे गीज़र का ख़र्च किसका है, दोनों में से किसे कितने दिन का नोटिस देना है और डिपॉज़िट का क्या होगा।
  • आम अवधि ग्यारह महीने की होती है, फ़्लैट, मंज़िल या मकान के लिए। जहाँ पंजाब किराया अधिनियम, 1995 लागू होता है, वहाँ इसकी जगह उसी अधिनियम का अनुसूची-I वाला फ़ॉर्म चाहिए, जिसकी रजिस्ट्री कराना ज़रूरी है। यह अधिनियम चंडीगढ़ में लागू नहीं होता।
  • किरायानामा अपने-आप आगे नहीं बढ़ता। किरायेदार के आगे रुकने पर अगली अवधि के लिए नया लिखित करार चाहिए।

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लाइब्रेरी के दस्तावेज़

इससे जुड़ी किट

किरायानामा के बारे में सवाल

क्या किरायानामा और किराया करार एक ही चीज़ हैं?

हाँ। किरायानामा किराया करार का आम बोलचाल का नाम है, और लाइब्रेरी में इसका दस्तावेज़ "रिहायशी किरायानामा, 11 महीने" है।

क्या किरायानामे की रजिस्ट्री ज़रूरी है?

पंजाब किराया अधिनियम, 1995 के दायरे से बाहर, ग्यारह महीने की और महीने के किराये वाली असली किरायेदारी के लिए ज़रूरी नहीं। जहाँ यह अधिनियम लागू होता है, वहाँ उसके अपने अनुसूची-I फ़ॉर्म पर रजिस्ट्री कराना ज़रूरी है। कानून न माँगे, तब भी रजिस्ट्री वाला करार पते के सबूत के लिए काम आ सकता है।

ग्यारह महीने पूरे होने पर क्या होता है?

करार अपने-आप आगे नहीं बढ़ता। जो किरायेदार रुकना चाहे, उसके लिए अगली अवधि का नया लिखित करार चाहिए। इसके लिए लाइब्रेरी में "किरायेदारी नवीनीकरण करार" है।

शब्दावली के सभी शब्द

यह पन्ना पंजाब और चंडीगढ़ के लिए इस शब्द को आसान भाषा में समझाता है। यह कानूनी सलाह नहीं है। फ़ीस, दफ़्तर और समय-सीमाएँ बदल सकती हैं, इसलिए कुछ करने से पहले दफ़्तर या किसी वकील से पूछ लें।